भाजपा की शान, सिर्फ बयान

नरेन्द्र मोदी जी के भुज में दिए गए भाषण पर प्रतिक्रिया:

प्रधानमंत्री जी ने कहा कि क से कमल होता है, बिल्कुल सही बात है! क से कलई भी होता है और आज प्रधानमंत्री जी ने गुजरात की जनता की परेशानियों का अपने भाषण में सही चित्रण न करके भाजपा सरकार के द्वारा गुजरात व देश का विकास न करने की कलई, खुद ही खोली है!

प्रधानमंत्री जी ने कहा कि विपक्ष उनपर कीचड़ उछाल रहा है! आपने अपने 3 वर्षों के शासन में देश को सिर्फ बयानों से ही चलाया है!

विकास जमीन पर नहीं, सिर्फ टीवी पर आपके बयानों में दिखता है!

आलोचना करना और आलोचना सुनना लोकतंत्र की ख़ूबसूरती है!

विपक्ष के द्वारा जनता की परेशानियों को उजागर कर सरकार को बताना, कीचड़ उछालना नहीं वरण लोकतंत्र की एक स्वस्थ परंपरा है! पर आप तो अपनी आलोचना सुनना ही नहीं चाहते हैं जोकि एक तानाशाही प्रवृति है!

बार-बार आप कांग्रेस सरकार के समय किए गए कामों की आलोचना करके विकास से अपना पल्ला झाड़ना चाहते हैं पर देश और गुजरात की जनता अब आपके बड़े-बड़े बयानों को बखूबी समझती है!

प्रधानमंत्री जी, क से कांग्रेस भी होता है और “कांग्रेस का हाथ” आपके देश के विकास को नजरंदाज करने की नीति को निश्चय ही उखाड़ फेंकेगा!

आप कांग्रेस पार्टी पर गुजरात के विकास न करने का आरोप लगाते हैं बल्कि हकिकत ये है कि वर्ष 1960 में गुजरात की स्थापना से लेकर 1995 तक गुजरात में कांग्रेस और इनके समर्थक दलों की सरकारों ने गुजरात का हरसंभव विकास किया था!

वर्ष 1995 से पहले कांग्रेस की सरकार में हीं गुजरात की जनता के सहयोग से अमूल, बंदरगाह, उर्जावान कपड़ा उद्योग, केमिकल और पेट्रो-केमिकल उद्योग की स्थापना करवाई गयी!

कांग्रेस सरकार की इन सार्थक पहल की वजह से ही गुजरात देश में अव्वल रहा!

आप कांग्रेस पार्टी की नीति और नियत में हमेशा से खोट निकालते आये हैं!

देश के प्रथम प्रधानमंत्री पर आप गाहे-बगाहे आरोप लगाते रहते हैं पर, पंडित जवाहर लाल नेहरु जी की शासन का ही परिणाम है कि आज भारत मंगल पर भी अपनी विजय पताका फहरा रहा है!

आपने अपने लाल-किला के संबोधन से ये कहा था कि इस देश को बनाने में सभी प्रधानमंत्रियों और सभी सरकारों का योगदान है! पर चुनाव जितने के लिए आप किसी को भी बदनाम करने की कोशिश करते हैं क्योंकि आपकी सरकार का मकसद विकास नहीं सिर्फ अपनी सत्ता का येन-केन-प्रकारेण प्रसार करना है!

कांग्रेस की सरकार ने 1995 में भाजपा सरकार को एक विकसित गुजरात सौंपा था!

पंडित जवाहर लाल नेहरु जी ने ही गुजरात की जनता व किसानों को पानी मुहैया करवाने के लिए सरदार पटेल की मांग पर नर्मदा नदी पर “सरदार-बाँध” का शिलान्यास किया था पर आपको तो इतिहास की गलत व्याख्या करके क्रेडिट लेने की आदत पड़ चुकी है!

आप कच्छ की जनता को नर्मदा का पानी देने का क्रेडिट खुद लेना चाहते हैं जबकि इसमें कांग्रेस सरकार के योगदान को भी जनता के सामने रखना चाहिए था! जरा आपको गुजरात की जनता को ये भी बताना चाहिए था कि भाजपा सरकार के गठन के 17 वें दिन सिर्फ गुजरात के विशिष्ट वर्ग को लाभ पहुंचाने के लिए “सरदार-बाँध” के गेट को क्यों बंद कर दिया गया था?

इसमें मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के बाँध प्रभावितों और विस्थापितों की पूरी तरह से अनदेखी की गयी! ये विस्थापित, आज भी भटक रहे हैं!

पानी देने के नाम पर गुजरात की सरकार ने सरदार पटेल बाँध का शिलान्यास कर खुद ही अपनी पीठ थपथपाई! पर एक हकीकत यह भी है कि अपने 22 वर्षों के शासन के दौरान इन्होनें इस परियोजना के 90,000 किलोमीटर के पुरे नेटवर्क में से केवल 18,000 किलोमीटर का ही निर्माण कर पायी!

गुजरात का किसान कहता है कि पानी दिखता तो है पर सिंचाई के लिए मिलता नहीं है!18 लाख हेक्टेयेर में से केवल 3 लाख हेक्टेयेर भूमि की सिंचाई के लिए पानी मिलता है बांकि का पानी बड़े उद्योगों को मिलता है!

मध्यप्रदेश के लोगों को दुबारा से बसाने के लिए महाराष्ट्र की कांग्रेस सरकार के द्वारा जमीन दी गयी तब जाकर इस परियोजना की शुरूआत हो पायी! इस परियोजना से विस्थापित हुए करीब 1 लाख लोगों को आज तक गुजरात की सरकार ने बसने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है!

प्रधानमंत्री जी, अपने भाषणों में गुजरात के विकास की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं! गुजरात मॉडल की शेखी बघारते हैं, गुजरात के किसानों की मेहनत को सलाम करते है, पर अपने 12 वर्षों के शासन के दौरान करीब 10,000 किसानों की आत्महत्या पर एक भी शब्द नहीं बोलते हैं! कम से कम प्रधानमंत्री जी को अपने भाषणों में इन किसानों के प्रति श्रद्धांजलि तो व्यक्त करनी चाहिए थी!

कच्छ के केसर की बात करते हैं पर गुजरात के किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम न देने की चर्चा भी नहीं करते हैं!

गुजरात के करीब 30 लाख युवा आज बेरोजगार हैं! व्यापार और व्यापारी आपकी सरकार के गलत नीतियों से परेशान है! इनकी चर्चा भी प्रधानमंत्री जी को अपने भाषणों में करनी चाहिए थी! पर किसानों को श्रधांजलि व्यक्त करने व किसानों, नौजवानों और व्यापारी की समस्या का जिक्र अपने भाषणों में करने से आपकी और आपके सरकार की कलई जो खुल जाती!

प्रधानमंत्री जी, आपको अपने गुजरात मॉडल पर इतना ही भरोसा है तो इसकी चर्चा आप अपने भाषणों में क्यों नहीं करते है?

बार-बार आप अपने भाषणों में वंशवाद, जातिवाद और कांग्रेस पार्टी के नेताओं और महापुरुषों के बारे में झूठे बयान क्यों देते हैं? प्रधानमंत्री के संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को भ्रम फैलाना शोभा नहीं देता है!

प्रधानमंत्री जी, आपने कहा कि कांग्रेस के नेता गुजरात के बेटे पर आरोप लगाकर गुजरात का अपमान कर रहे हैं! गुजारत का अपमान कांग्रेस के नेता नहीं, भाजपा की सरकार खुद कर रही है! सही मायनों में यदि आप गुजरात के सच्चे बेटे होते तो आप गुजरात का विकास करते!

आज गुजरात विभिन्न आयामों में विकराल स्थिति भाजपा सरकार की ही देन है! आप भावना के आधार पर लोगों को बरगलाकर उनका वोट लेना जानते हैं पर गुजरात की जनता इस बार आपने झांसों में आने वाली नहीं है!

नोटबंदी और GST को अपनी बेहतरीन योजना बताने वाले प्रधानमंत्री जी जरा आप रिज़र्व बैंक के आंकड़े देख लें, आपको सही स्थिति का पता चल जाएगा! पर आप की रूचि तो अपने साम्राज्य-विस्तार में है! फिर, आपको जनता की परेशानियों से क्या सरोकार है?

प्रधानमंत्री जी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मीटिंग में तो GST का साथ देती है पर मीटिंग के बाहर GST का विरोध करते हैं! हकिकत ये है कि GST लागू होने से पूर्व भी कांग्रेस पार्टी ने सरकार को आगाह किया था कि वो सही नीतियों के साथ GST लागू करें! इसे लागू करने में जल्दबाजी न करें!

कांग्रेस उपाध्यक्ष श्री राहुल गाँधी जी ने स्वयं वित्त मंत्री अरुण जेटली जी से मिलकर दिव्यंगों के सहायक उपकरणों को  GST से बाहर रखने का आग्रह किया था! वित्तमंत्री जी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष को अपनी सहमति का आश्वाशन भी दिया था ,पर आश्वाशन देने के बाद भी दिव्यंगों के सहायक उपकरणों पर भाजपा सरकार के द्वारा GST लगा दिया गया!

आम जनता और व्यापारियों को GST से हो रही परेशानियों को देखते हुए ही कांग्रेस पार्टी ने GST लागू करने की आपकी सरकार की गलत नीतियों का लगातार विरोध किया और इसी विरोध का परिणाम था कि आज भी आये दिन आपकी सरकार GST के कायदे-कानून में बदलाव कर रही है!

अगर आपकी सरकार की GST नीति इनती ही दमदार ही थी तो आपने इसकी नीतियों में फेर-बदल गुजरात के चुनाव के लिए किया!

प्रधानमंत्री जी, आप कहते हैं कि आपने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सर्जिकल-स्ट्राइक किया! सर्जिकल-स्ट्राइक के बाद भी सेना और अर्ध-सैनिक बलों के जवान लगातार शहीद क्यों हो रहे हैं? ये आंकड़ा आज 300 के करीब क्यों पहुँच गया है? सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भी देश के सुरक्षा ठिकानों पर लगातार आतंकी हमले हो रहे हैं!

एक तरफ आप बार-बार सर्जिकल-स्ट्राइक का क्रेडिट लेते हैं तो दूसरी तरफ आपको व आपकी सरकार को देश में लगातार हो रहे आतंकी हमले और शहीद हो रहे जवानों की भी जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी! आखिर कब तक आप सर्जिकल स्ट्राइक का क्रेडिट लेते रहेंगे?

सर्जिकल स्ट्राइक, भाजपा सरकार का नहीं बल्कि सेना के वीर-जवानों का पराक्रम था!

सर्जिकल-स्ट्राइक UPA सरकार के समय भी हुए थे पर कांग्रेस की सरकार ने कभी सेना के पराक्रम को अपना बताकर इसका प्रचार नहीं किया!

डोकलाम में स्थिति आज भी जस की तस है! आज भी चीनी सैनिक वहां मौजूद हैं!

रही बात चीनी राजदूत की कांग्रेस उपाध्यक्ष से मिलने की तो ये एक सामान्य परंपरा है!

प्रधानमंत्री जी को अगर इससे इतनी ही आपत्ति है तो फिर उन्हें देश को इस बात का भी जवाब देना चाहिए था कि बिना देश को विश्वास में लिए प्रधानमंत्री जी पाकिस्तान कैसे चले गए?

हाफिज सईद और ल्ख्वी जैसे खूंखार आतंकवादी जब गिरफ्तार हुए, तब आपकी सरकार ने बढ़-चढ़कर इसका क्रेडिट लिया था! आज जब ये रिहा हो गए तब इसका क्रेडिट भी आपको ही दिया जाएगा क्योंकि आपकी सरकार ने इनकी रिहाई रोकने के लिए कोई मजबूत कूटनीति नहीं अपनाई!

अमेरिकी राष्ट्रपति के आपसे गले मिलने व उनके भाषणों में आपका जिक्र करने पर देश में बढ़-चढ़कर प्रचार किया जाता है! फिर तो निश्चित रूप से आपको अपने अभिन्न मित्र अमेरिकी राष्ट्रपति से कहके अमेरिका के द्वारा आतंक का पर्याय हक्कानी-नेटवर्क को फंडिंग करने से रूकवान चाहिए था!

भारत में आतंक फैलाने का सीधा कनेक्सन हक्कानी नेटवर्क से भी है!

कांग्रेस की सरकार ने पिछले 70 वर्षों में क्या हासिल किया इसकी चर्चा खुद आपकी विदेश-मंत्री सुषमा स्वराज जी ने संयुक्त-राष्ट्रमहासभा के अपने संबोधन में कर दिया!

प्रधानमंत्री जी, देश सत्ता-पक्ष और विपक्ष दोनों के सहयोग से चलता है पर आप तो केवल विपक्ष की आलोचना करके अपने सरकार की नाकामियों पर पर्दा डालने का प्रयास करते हैं!

 

  

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