कल रात की बात है। मेरा छोटा भाई, जो आमतौर पर सोने से पहले किताबें टटोलता रहता है, अचानक चिल्लाया, “दीदी! देखो ये क्या खबर आई है!” उसकी आवाज में वो उत्सुकता थी जो सिर्फ एक अच्छी सरप्राइज से आती है। फोन की स्क्रीन मेरी तरफ बढ़ाई, “सरकार का ऐलान, 17 और 18 जनवरी को स्कूल बंद!”
मेरी पहली प्रतिक्रिया? एक खिलखिलाती हंसी! क्योंकि इस खबर ने न सिर्फ बच्चों, बल्कि माता-पिता के चेहरे पर भी एक मुस्कान ला दी है। ये दो दिन की छुट्टी कोई सामान्य अवकाश नहीं है, दोस्तों। ये तो एक अचानक मिली हुई holiday है, जैसे बिना मांगे मिला कोई तोहफा!
सोचिए, ठंड के इन दिनों में जब सुबह-सुबह बिस्तर से निकलना मुश्किल लगता है, तब दो दिन का अतिरिक्त आराम मिल जाए! बच्चों के लिए तो ये खबर जश्न मनाने जैसी है। उनकी खुशी का अंदाजा आप उनकी चमकती आँखों से लगा सकते हैं। ये break उनके लिए एक अच्छा gap है, थोड़ा सांस लेने का मौका।
क्या है पूरी खबर?
सरकार ने एक आदेश जारी करके 17 और 18 जनवरी को सभी सरकारी और अधिकतर निजी स्कूल बंद रखने का फैसला किया है। इसकी वजह कुछ administrative कारण और कुछ इलाकों में पड़ रही कड़ाके की ठंड बताई जा रही है। ये सिर्फ दो दिन के लिए है, लेकिन इसका आनंद बहुत लंबे समय तक याद रहेगा।
मुझे अपने स्कूल के दिन याद आ गए, जब अचानक छुट्टी की घोषणा होती थी तो क्लास में जो खुशी की लहर दौड़ जाती थी, वो अद्भुत थी। आज के बच्चे भी शायद वही एहसास महसूस कर रहे होंगे। ये खबर सुनकर उनके मन में जो उमंग जागेगी, उसकी कल्पना मात्र से दिल खुश हो जाता है।
इस छुट्टी का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
इस sudden holiday के कई सुखद पहलू हैं:
- बच्चों के लिए मानसिक आराम: परीक्षाओं और पढ़ाई के दबाव के बीच ये दो दिन का विराम उनके लिए वरदान साबित होगा। वो थोड़ा आराम कर पाएंगे, अपनी मनपसंद की चीजें कर पाएंगे।
- परिवार के साथ समय: माता-पिता के लिए भी ये दो दिन एक अवसर है कि वो बच्चों के साथ कुछ गुणवत्तापूर्ण समय बिता सकें। बिना स्कूल की जल्दी के साथ कोई गेम खेल सकते हैं, फिल्म देख सकते हैं या बस बातें कर सकते हैं।
- सर्दी से बचाव: कड़ाके की ठंड में छोटे बच्चों का बार-बार बाहर जाना ठीक नहीं होता। ये छुट्टी उन्हें घर में रहकर गर्म और सुरक्षित रखने में मदद करेगी।
ये दो दिन का short break एक तरह से सभी के लिए रिचार्ज होने का मौका है।
इन दो दिनों का कैसे सदुपयोग करें?
इस अनपेक्षित अवकाश को केवल सोने या मोबाइल में व्यर्थ न गंवाएं। कुछ मजेदार तरीके से इन पलों को यादगार बनाएं:
- घर पर ही कोई रोचक indoor game खेलें, जैसे कैरम, लूडो या बोर्ड गेम।
- दादा-दादी या नाना-नानी से कोई पुरानी कहानी सुनें।
- सर्दियों की कुछ स्वादिष्ट चीजें जैसे गाजर का हलवा या मक्के की रोटी बनाएं और साथ में खाएं।
- अगर मौसम साफ हो, तो घर की छत या बालकनी में बैठकर धूप का आनंद लें।
मेरी भावनाएँ… एक बड़ी बहन के तौर पर
सच कहूँ तो, मुझे अपने भाई की खुशी देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। उसकी योजनाएं बननी शुरू हो गई हैं कि ये दो दिन कैसे बिताएंगे। ऐसे फैसले बच्चों के बोझिल रूटीन में रंग भर देते हैं। ये सिर्फ छुट्टी नहीं, बल्कि उनकी मासूम खुशियों के लिए एक तोहफा है।
हालांकि, एक तरफ थोड़ी चिंता भी है। कहीं बच्चे पढ़ाई से बिल्कुल ही दूर तो नहीं हो जाएंगे? पर फिर लगता है, दो दिन का आराम उनकी ऊर्जा को वापस लाएगा, जिससे वे और जोश के साथ पढ़ाई कर पाएंगे।
निष्कर्ष
तो यही है बड़ी राहत भरी खबर! 17 और 18 जनवरी को घर में बच्चों की किलकारियाँ गूंजेंगी। ये दो दिन की यह अचानक मिली छुट्टी हर किसी के लिए खुशियाँ लेकर आई है। आइए, इस मौके का पूरा आनंद लें, और इसे सुरक्षित और यादगार बनाएं।














