क्या आपको वो दिन याद है जब नए साल की सूची बनाते हुए किताबों की लंबी फ़ेहरिस्त देखकर मन थोड़ा भारी हो जाता था? सिलेबस की किताबों के साथ-साथ ज़रूरी रेफरेंस बुक्स का खर्चा अक्सर पेरेंट्स के लिए चुनौती बन जाता था। पर अब, एक ऐसी ख़बर आई है जो हर छात्र और उनके परिवार के चेहरे पर मुस्कान ला सकती है!
सुनकर खुशी होगी कि सरकार ने 2026 से किताबों को पूरी तरह से GST Free करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। यानी अब आपकी पढ़ाई की किताबों पर कोई अतिरिक्त tax नहीं लगेगा। ये सचमुच में एक बड़ी राहत वाली बात है!
इसका क्या मतलब है? (What Does This Mean?)
पहले, हमारी हर किताब की कीमत में एक GST का हिस्सा जुड़ा होता था। वो अलग से नहीं दिखता था, लेकिन उसकी वजह से किताबों के दाम थोड़े बढ़े हुए होते थे। अब इस नए rule के बाद, किताबों पर यह अतिरिक्त charge पूरी तरह हटा दिया गया है।
इसका सीधा-साधा फायदा यह है कि अब आपको जो किताब पहले 100 रुपये में मिलती थी, वह अब कम दाम में मिलेगी। यह छोटी-सी बचत एक साल में हजारों रुपये तक हो सकती है, खासकर उन छात्रों के लिए जिन्हें बहुत सारी किताबों की ज़रूरत होती है।
किसको मिलेगा फायदा? (Who Will Benefit?)
इस सकारात्मक कदम का फायदा सिर्फ स्कूल-कॉलेज के छात्रों को ही नहीं मिलेगा। इससे हर वो व्यक्ति लाभान्वित होगा जो किताबें खरीदता है:
- स्कूली बच्चों के माता-पिता का बोझ कम होगा।
- कॉलेज स्टूडेंट्स महंगी टेक्निकल और प्रोफेशनल किताबें थोड़े कम खर्च में खरीद पाएंगे।
- प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को राहत मिलेगी।
- किताबों के शौक़ीन पाठक भी अधिक किताबें खरीद सकेंगे।
मुझे लगता है, इससे सबसे बड़ा positive impact उन परिवारों पर पड़ेगा जहां दो-तीन बच्चे पढ़ते हैं। किताबों पर होने वाला खर्च उनके लिए एक बड़ी चिंता होती थी, जो अब कुछ कम होगी।
भविष्य की ओर एक अच्छा कदम (A Good Step For The Future)
यह फैसला सिर्फ पैसे बचाने तक सीमित नहीं है। मेरे विचार में, यह हमारे देश के भविष्य में निवेश जैसा है। जब किताबें सस्ती और सबकी पहुंच में होंगी, तो शिक्षा का प्रसार भी तेज़ी से होगा। इससे एक पढ़ा-लिखा और जागरूक समाज बनाने में मदद मिलेगी।
तो अब जब भी आप बुक स्टोर पर जाएं, या ऑनलाइन किताबें ऑर्डर करें, तो इस GST Free की सुविधा का पूरा लाभ उठाएं। अपने छोटे भाई-बहनों और दोस्तों को भी इस बारे में बताएं।
आखिरी बात यही है कि यह एक स्वागत योग्य और सराहनीय निर्णय है। यह छोटा-सा कदम कई युवा मनों के सपनों को पंख देने का काम करेगा। आइए, इस बदलाव का जश्न मनाएं और और अधिक से अधिक किताबें पढ़ने का संकल्प लें!
पढ़ते रहिए, आगे बढ़ते रहिए!














