आज सुबह जो खबर आई, उसने वाकई दिल को छू लिया। ऐसा लगा जैसे किसी ने बहुत बड़ी चिंता का बोझ हमारे सिर से उतार दिया हो। खबर क्या है? सरकार ने एक ऐसा ऐलान किया है जो सीधे हमारे घर-घर की रसोई तक पहुँचेगा। ये ऐलान है – अब राशन पूरी तरह मुफ़्त!
हाँ, आपने सही सुना। बिल्कुल फ्री। जब ये शब्द पढ़े, तो पहले तो यकीन ही नहीं हुआ। पर जब बार-बार खबर पढ़ी, तो आँखों में एक अजीब सी नमी आ गई। क्योंकि ये सिर्फ एक नीति नहीं, बल्कि लाखों-करोड़ों लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला एक masterstroke है।
इसका मतलब क्या है?
बहुत स्पष्ट शब्दों में कहूँ तो, जो परिवार राशन कार्ड धारक हैं और गरीबी रेखा से नीचे आते हैं, उन्हें अब हर महीने मिलने वाले अनाज पर एक भी रुपया नहीं देना होगा। गेहूं, चावल, दाल, चीनी… जो भी आपके राज्य की सूची में है, वो बिना किसी कीमत के मिलेगा। ये कोई छोटी बात नहीं है। ये वो relief है जिसका इंतज़ार शायद हर गरीब परिवार कर रहा था।
मुझे अपने शहर के उस राशन दुकान की याद आ गई, जहाँ हर महीने लंबी-लंबी कतारें लगती थीं। कई बार लोगों के चेहरे पर मायूसी देखी है, जब पैसे कम पड़ जाते थे और पूरा राशन नहीं मिल पाता था। आज के बाद, उन चेहरों पर शायद एक अलग ही चमक दिखेगी। एक तरह का confidence दिखेगा कि अब कम से कम भूख तो नहीं सताएगी।
इसका असर क्या होगा?
सोचिए, एक गरीब परिवार हर महीने राशन पर जो पाँच सौ या एक हज़ार रुपये खर्च करता था, वो पैसा अब बच जाएगा। ये पैसा अब बच्चों की किताबों पर, दवाई पर, या फिर कपड़ों पर खर्च हो सकेगा। इस एक फैसले ने उनके मासिक बजट में एक बड़ी जगह बना दी है।
ये सिर्फ पैसे की बात नहीं है। ये self-respect की बात है। किसी से माँगने या उधार लेने की मजबूरी नहीं रहेगी। रोटी का इंतज़ाम हो जाए, तो इंसान किसी भी मुश्किल से लड़ने का हौसला पैदा कर लेता है। ये फैसला वो हौसला देगा।
क्या सबको मिलेगा यह सुविधा?
यहाँ थोड़ी सावधानी जरूरी है। यह योजना उन्हीं परिवारों के लिए है जो पहले से ही सरकारी राशन योजना से जुड़े हैं और जिनकी आय एक निश्चित सीमा से कम है। अगर आपका राशन कार्ड है, तो जल्द ही आपको स्थानीय राशन दुकान या authority से पूरी जानकारी मिल जाएगी। यह एक बहुत बड़ा step है, जो सीधे जनता के कल्याण से जुड़ा है।
मन की भावनाएं…
सच कहूँ तो, आज बहुत दिनों बाद ऐसा लगा कि सरकार की कोई योजना सीधे दिल को छू गई है। इतनी साफ़, इतनी सीधी। भ्रष्टाचार का डर भी कम लगता है, क्योंकि अब पैसा देना ही नहीं है। जो सामान मिलेगा, वो सीधा लाभ है।
पर एक डर भी सता रहा है। कहीं ये योजना कागजों तक ही सीमित तो नहीं रह जाएगी? कहीं राशन दुकानदार नई ढिलमिल नहीं चलाएंगे? इसकी monitoring कितनी सख्ती से होगी? ये सवाल मन में उठते हैं। पर आज के दिन, हमें उम्मीद से ज्यादा डर पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
हमारी जिम्मेदारी क्या है?
हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम इस खबर को हर उस व्यक्ति तक पहुँचाएँ, जिसे इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। अपने आस-पास के गरीब परिवारों, मजदूरों, घरेलू कामगारों को बताएँ। उन्हें ये जानकारी दें कि अब उनका राशन मुफ़्त मिलेगा। ये awareness ही इस योजना की सबसे बड़ी ताकत बनेगी।
अंत में…
आज का दिन एक नई उम्मीद लेकर आया है। ये फैसला साबित करता है कि अगर इरादे नेक हों, तो बड़े से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। आइए, हम सब मिलकर इस योजना को सफल बनाने में अपना योगदान दें। ताकि कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए।














